कोविड मरीजों के लिए अब मोबाइल आईसीयू

नईदिल्ली,30 जून हेल्थ टेक्नोलॉजी में अग्रणी रॉयल फिलिप्स ने आज भारत में मोबाइल इनटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) लॉन्च किया है। रोगियों की गहन देखभाल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार इन प्रत्येक प्री-फैब्रीकेटेड आईसीयू में नौ बिस्तरों की क्षमता है। इन्हें भारत में स्थानीय स्तर पर फिलिप्स द्वारा तैयार किया जाएगा। प्रत्येक आईसीयू यूनिट को चुनिंदा स्थल पर एक दिन में असेम्बल किया जा सकता है। अपनी क्लीनिकल, टेक्नीकल और डिजाइन अनुभव का लाभ उठाते हुए फिलिप्स ने भारत में गंभीर-देखभाल सेवाओं की चुनौतीपूर्ण मांग को पूरा करने के लिए इन पोर्टेबल आईसीयू को विकसित किया है। यह पोर्टेबल आईसीयू उन सरकारी संस्थाओं और संगठनों की मदद करेंगे जो अपनी सामुदायिक पहुंच को बढ़ाना चाहते हैं। यह वर्तमान में फैली कोविड-19 जैसी महामारी और प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम करने में भी मददगार होंगे।
1380 वर्ग फुट आकार के इन यूनिट को साइट पर ऑपरेशनल बनाने के लिए केवल बिजली और पानी कनेक्शन की जरूरत होगी। प्रत्येक पोर्टेबल आईसीयू अत्याधुनिक गंभीर-देखभाल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे व्यक्तिगत रोगी क्यूबीकल्स, क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचने के लिए एंटी-बैक्टीरियल पेंट और सेल्फ-डिसइनफेक्शन सुविधा के साथ हाई-एंड वॉशरूम से सुसज्जित हैं। इन आईसीयू को चिकित्सा उपकरण जैसे वेंटीलेटर्स, डेफीब्रिलेटर, सेंट्रल मॉनिटरिंग स्टेशन और कंटीन्युअस पॉजिटिव एयर प्रेशर (सीपीएपी) मशीन के साथ उचित सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बैक-अप पावर, ऑक्सीजन और वैक्यूम सप्लाई से सुसज्जित किया जा सकता है।
पोर्टेबल आईसीयू की संभावना पर बोलते हुए डैनियल मैजोन, वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, फिलिप्स इंडियन सबकॉन्टीनेंट ने कहा कि देश में लोगों को गुणवत्ता और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप, हमें भारत के लिए अत्याधुनिक मोबाइल आईसीयू को पेश करने पर गर्व हैं। हमारा मानना है कि यह समाधान देश को कोविड-19 से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद करेगा क्योंकि यह स्वास्थ्य संस्थानों को अपनी बिस्तर क्षमता बढ़ाने में सक्षम बनाता है। इसके अलावा, यह समाधान गंभीर देखभाल आवश्यकताओं के लिए दीर्घावधि में महत्वपूर्ण होंगे। एक कंपनी के रूप में, फिलिप्स 2030 तक हर साल 3 अरब जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और भारत हमें इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. बिजेंद्र कुमार सिन्हा, सीनियर कंसल्टैंट, मिनिमल एक्सेस बैरिएट्रिक एंड जीआई सर्जरी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम, ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से स्वास्थ्य संस्थाओं पर पड़ रहे बोझ को देखते हुए यह इन्नोवेटिव आईसीयू अस्पतालों के लिए तेजी से रोगी क्षमता बढ़ाना में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। यह यूनिट कम से कम समय में रोगी को गुणवत्तापूर्ण गंभीर देखभाल उपलब्ध करने में मदद करेंगे।
उत्पाद की ऑपरेशनल कारगरता के बारे में महिपाल सिंह भनोट, जोनल डायरेक्टर- फोर्टिस हेल्थकेयर ने कहा कि फिलिप्स इंडिया द्वारा तैयार किया गया पोर्टेबल आईसीयू समाधान सभी आधुनिक प्रौद्योगिकियों को पोर्टेबिलिटी के साथ उपलब्ध कराता है। यह आइसोलेटेड रोगी के उपचार, आपदा प्रबंधन और समुदाय संक्रमण में बहुत अधिक मदद करेगा। इसके अलावा, यह अस्पतालों को मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए संक्रमित मरीजों के लिए अपने प्रोटोकॉल में बदलाव करने की जरूरत के बगैर अपने कार्य को सुव्यवस्थित करने में सक्षम बनाएगा। यह एक उत्पादक संपत्ति बन सकती है, विशेषकर तब जब बहुत कम समय में अस्पतालों में अतिरिक्त बिस्तर जोडऩे में यह काफी महत्वपूर्ण है। इसकी मदद से अस्पताल की बेड क्षमता को शीघ्रता से बढ़ाया जा सकता है।