जेट एयरवेज के यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने अहम आदेश जारी

सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि उन्होंने नागरियों की सुरक्षा व सुविधा के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव को जेट एयरवेज से संबंधित मुद्दों का रिव्यू करने को निर्देशित किया है। सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर बताया है कि उन्होंने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए तत्काल सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं।

क्या है जेट संकट 

देश की नामी एयरलाइंस कंपनी नकदी संकट से जूझ रही है। निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी जेट ईंधन की आपूर्ति रोके जाने के कारण दोहरे मार झेल रही है। कार्गो एजेंट ने एम्स्टर्डम (नीदरलैंड्स की राजधानी) में एक बोइंग विमान को जब्त कर लिया है। इसके साथ ही इसके ऋणदाताओं ने हिस्सेदारी बिक्री की बोलियों की समय सीमा दो दिन के लिए बढ़ा दी है। एयरलाइन के एक सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार कार्गो एजेंट ने एयरलाइन की ओर से बकाया का भुगतान नहीं होने की वजह से जेट एयरवेज का बोइंग 777-300 ईआर (वीटी-जेईडब्ल्यू) अपने कब्जे में ले लिया है। जेस संकट की वजह से यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए उड्डयन मंत्री ने आदेश जारी किए हैं।

उड़ान भरने के लिए नहीं हैं पर्याप्त विमान

पट्टे पर विमान देने वाली कंपनियों के बकाये का भुगतान नहीं होने की वजह से जेट एयरवेज के विमान बेड़े के 75 फीसद से अधिक विमान अलग-अलग हवाई अड्डों पर खड़े हैं। नकदी संकट की वजह से जेट एयरवेज अपने 16,000 से अधिक कर्मचारियों को आंशिक वेतन का ही भुगतान कर पा रही है। नकदी संकट के कारण एक सप्ताह में तीसरी बार इंडियल ऑयल ने जेट एयरवेज को एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) यानी विमान ईधन की आपूर्ति रोक दी थी। फिलहाल कंपनी के पास उड़ान सुचारू रखने के लिए पर्याप्त प्लेन भी नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ान भरने की अनुमति के लिए किसी भी एयरलाइन कंपनी के पास सेवा में कम से कम 20 विमान होने चाहिए।

संस्थापक ने गिरवी रखी हिस्सेदारी

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने पंजाब नेशनल बैंक से लोन लेने के लिए कंपनी में अपनी 26 फीसद हिस्सेदारी को चार अप्रैल को गिरवी रख दिया है। यह जानकारी नियामकीय फाइलिंग के जरिए सामने आई है। गौरतलब है कि पिछले महीने, नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने डेट रेजोल्यूशन प्लान (ऋण समाधान योजना) के तहत कंपनी बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। नरेश गोयल, ने 25 वर्ष पहले जेट एयरवेज शुरू की थी। वह कंपनी के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे चुके हैं। डेट रेजोल्यूशन प्लान के अंतर्गत बैंकों के समूह ने कंपनी के प्रबंधन पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।